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Vishwa Ki Prasidh Aatank Kathayein

Vishwa Ki Prasidh Aatank Kathayein

Uma Pathak

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आतंक हमारे अन्दर जन्म लेता है, इसलिए इसकी एक निश्चित परिभाषा देना बहुत कठिन है। यह मनुष्य का स्वभाव है कि वह भयानक, डरावनी चीज़ों की तरफ आकर्षित होता है। जिस चीज से हम डरते हैं, उसे बार-बार देखने की कोशिश भी करते हैं। एक समय था जब आतंक कथाओं को निम्न स्तर का माना जाता था, पर समय के साथ धारणाएँ बदलती गई। 18वीं शताब्दी के मध्य में ब्रिटेन के लेखक होरेस ने अपने उपन्यास में आतंक को आधार बनाया। फिर धीरे-धीरे लेखकों और पाठकों का इस तरफ रुझान बढ़ने लगा। इस संकलन में दो शताब्दियों की प्रसिद्ध आतंक कहानियाँ ली गई हैं। इन कहानियों में डर, व्यंग्य और सनकीपन का चित्रण है। प्रत्येक कहानी में डर का अलग रूप मिलता है। अधिकांश लोगों के लिए आतंक अनजानी चीजों का होता है। इसीलिए भूतों और अति प्राकृतिक चीज़ों पर लिखी गई कहानियाँ सफल होती थीं पर बाद में इनमें मनोवैज्ञानिक तत्त्व भी जुड़ गया। सरल, रोचक भाषा-शैली में हिन्दी में अनुवादित ये कहानियां अपने आप में एक अनूठा प्रयास है। आशा है पाठकों को ये कहानियाँ रुचिकर लगेंगी।

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Hard Cover

Author

Uma Pathak

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