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Vishwa Vikhyat Bhartiya Rashtriya vanya Jeev Abhyaran Virasat

Vishwa Vikhyat Bhartiya Rashtriya vanya Jeev Abhyaran Virasat

Shanti Kumar Sayal

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वन्यजीव अभ्यारण्य एक घोषित संरक्षित क्षेत्र है, जहां बहुत सीमित मानव गतिविधि की अनुमति है। इस प्रकार के संरक्षित स्वामित्व सरकार या किसी निजी संगठन या व्यक्ति के हाथों में ही हो सकते हैं, बशर्ते नियम सरकार द्वारा शासित होते हैं। वन्यजीव अभ्यारण्य के अंदर, जानवरों का शिकार पूरी तरह से निषिद्ध है। वन्यजीव अभ्यारणों का गठन किसी एक प्रजाति अथवा कुछ विशिष्ट प्रजातियों के संरक्षण के लिये किया जाता है, अर्थात ये विशिष्ट प्रजाति आधारित संरक्षित क्षेत्र होते हैं। भारत में 500 से अधिक प्राणी अभ्यारण्य हैं, जिन्हें वन्य जीवन अभ्यारण्य (IUCN श्रेणी IV सुरक्षित क्षेत्र) कहा जाता है। इनमें से 28 बाघ अभ्यारण्य बाघ परियोजना द्वारा संचालित हैं, जो बाघ-संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं। भारत में वन्यजीव अभ्यारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों का निर्माण लुप्तप्राय पक्षियों और जानवरों के संरक्षण के लिए बड़ी संख्या में किया गया है, ताकि इन पक्षियों और जानवरों के विलोपन को रोका जा सके।

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Author

Shanti Kumar Sayal

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