Vyavaharik Rajbhasha Shabdkosh
Vyavaharik Rajbhasha Shabdkosh
Dr. Abhiram Kulshreshtha
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सभी कोशों के आकलन व विश्लेषण के आधार पर यह बात उभर कर सामने आई कि कोई भी कोश राजभाषा में व्यावहारिक पक्ष को गहराई से समेट पाने में पूर्णत: समर्थ नहीं हो पाया है। इसके समानांतर ही यह भी स्वत: सिद्ध है कि हर प्रकार के शब्द-संग्रह व शब्द्कोश का अपना मह्त्त्व है व उस क्षेत्र में कोशकारों द्वारा किये गये श्रम को भी नहीं नकारा जा सकता है। फिर भी इस कोश में व्यावहारिक कसौटी के अनुरूप अधिक से अधिक को समेट पाने की चेष्टा की है। यह अधिक कहां संकलित व समाहित हो सका है, इसे सुधी विद्वान समझेंगे। लेखक व्यावहारिक दृष्टि से अन्यान्य विभागों में अनुवाद का कार्य करते-देखते रहे हैं और इसी कारण इस कोश में कुछ ऐसे शब्द भी दिखाई दे सकते हैं जो प्राय: अन्य राजभाषा संबंधी शब्द्कोशों में उपलब्ध न हों। किंतु अनुवाद के स्तर पर व्यावहारिक रूप में उनकी अनिवार्यता महसूस करते हुए उन्हें भी यहां स्थान देना उचित समझ गया है। यह कोश अन्यों की तुलना में कुछ नया कह सकें, लग सके, यही प्रयास रहा है।
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Hard Cover
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Dr. Abhiram Kulshreshtha
