1
/
of
1
Ye Mulyawan Vichar
Ye Mulyawan Vichar
Sudarshan Bhatia
SKU:
आज हमारे छात्र-छात्राएँ तथा युवा शक्ति भी अपने आचरण को उतना स्तरीय नहीं रख पा रहे जितनी समाज को जरूरत है। माता-पिता भी कभी-कभी अपने आचरण का अवमूल्यन कर, वैसी अनुकरणीय छवि प्रस्तुत नहीं कर पाते जैसी हमारे देश को आवश्यकता है। बातचीत, व्यवहार, चरित्र, लेन-देन, वेश-भूषा... मतलब पूरी जीवन पद्धति उत्तम हो, ताकि सन्तानें भी वही मार्ग अपनाएँ जो माता-पिता लक्षित करते हैं। बच्चे तभी सुसंस्कारित होंगे, जब बड़ों का व्यवहार आदर्श हो। हमारा लक्ष्य है कि समाज का हर छोटा-बड़ा नागरिक परम्पराओं का पालन करे। अनुशासन में रहे। भारतीय संस्कृति का पोषण करते हुए सम्मानजनक जीवन व्यतीत करे। यही पुस्तक का उद्देश्य है।
Quantity
Regular price
INR. 316
Regular price
INR. 395
Sale price
INR. 316
Shipping calculated at checkout.
Couldn't load pickup availability
Share
Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392605130
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- All Age Groups
- Adults
No. of pages
No. of pages
Book Dimension
Book Dimension
Item Weight
Item Weight
