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Yuddh Ki Rannitiyan
Yuddh Ki Rannitiyan
Sanchita Singh
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युद्ध एक ऐसा शब्द है जो इस समस्त भू-मण्डल के विनाश व सृजन के छोर का अन्त व शुरुआत है। युद्ध के विध्वंस व सृजन के मध्य जो पीढ़ियाँ बची रह जाती हैं। उनका कष्टमय जीवन का पता लगाना बहुत ही कठिन है। कौन नहीं जानता कि महाभारत के युद्ध के पश्चात् समस्त कुरुवंश का ही अन्त हो गया किन्तु इस अन्त के बाद के ही वर्षों में हड़प्पा और मोहन जोदड़ो जैसी सभ्यता विकसित हुई। इसी तरह अगर साक्ष्य उदाहरण के साथ हम द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा जापान पर गिराए गए परमाणु बम के विध्वंस के बाद देखें तो आज जापान की तरक्की देख दुनिया अचम्भित है। यह युद्ध के विध्वंस व सृजन का जीता-जागता उदाहरण है।
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Product Details
Language
Language
- HIN- Hindi
ISBN
ISBN
9789392690402
Binding
Binding
Hard Cover
Age Group
Age Group
- Adults
No. of pages
No. of pages
172
Book Dimension
Book Dimension
22.5 cm x 15 cm x 1.6 cm
Item Weight
Item Weight
480 grams
