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Yuddhpot

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V.S.Baghel

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जब भारत आजाद हुआ तो उस समय रॉयल इंडियन नेवी के बेड़े में 32 पोत थे जो पुराने हो चुके थे। वे पोत सिर्फ तटीय गश्त के मतलब के ही थे। उस समय नेवी में 11,000 अधिकारी और जवान थे। आजादी के बाद नेवी के पहले कमांडर इन चीफ रीयर एडमिरल आईटीएस हॉल, सीआईई थे। 26 जनवरी, 1950 को भारत के गणराज्य बनने के साथ ही रॉयल उपसर्ग को हटा दिया गया। इंडियन नेवी यानी भारतीय नौसेना के पहले कमांडर इन चीफ एडमिरल सर एडवर्ड पैरी, केसीबी बने जिन्होंने 1951 में एडमिरल सर मार्क पिजी, केबीई, सीबी, डीएसओ को प्रभार सौंप दिया था। एडमिरल पिजी 1955 में पहले चीफ ऑफ नेवल स्टाफ यानी नौसेना प्रमुख बने। 22 अप्रैल, 1958 को वाइस एडमिरल आर.डी. कटारी ने नौसेना के प्रथम भारतीय चीफ के रूप में पद ग्रहण किया। भारतीय नौसेना के पास एक विमानवाहक समेत करीब 300 पोत, पनडुब्बियां आदि हैं। इसके बेड़े में 14 फ्रिगेट्स, 11 विनाशक पोत, 22 कॉर्वेट्स, 16 पनडुब्बियां, 139 गश्ती पोत और चार बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उनको तबाह करने वाले पोत हैं। कुछ समय पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा से जब चीन के अपनी नौसैनिक क्षमता तेजी से बढ़ाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, '2050 तक, हमारे पास भी 200 जहाज, 500 विमान और एक विश्वस्तरीय नौसेना होगी।' एडमिरल ने आगे बताया कि सरकार ने नौसेना में 56 नए जंगी जहाजों और 6 पनडुब्बियों को शामिल करने की योजना को मंजूरी दे दी है। देश का पहला स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत विक्रांत अपने निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है और इसका समुद्री परीक्षण 2020 में होगा।

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V.S.Baghel

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